ऐसे थे मेरे ताऊ जी
ताऊ जी नहीं चाहते थे कि उनके जाने के बाद कोई रोए |हम भी उनकी इस इच्छा का मान रखना चाहते हैं ,माना कि यह आसान तो नहीं मगर असंभव भी तो नहीं |यही जीवन है, समय की गति है जो कभी नहीं रुकती |एक इंसान जो इस दुनिया में जन्म लेता है, उसका संसार से विदा कहना भी तय है मगर प्रत्येक व्यक्ति अपने व्यवहार से, अपने कर्म से अपनी एक जगह बना लेता है, वो भी लोगों के दिलों में |आज लोग उनके बारे में जो बातें कर रहे हैं, उन्हें याद कर रहे हैं, वह सब उनकी कमाई है ,नहीं तो आज के व्यस्त जीवन में जहाँ लोग खुद को भूल जाते हैं, वहाँ किसी की यादों में जगह बना पाना भी किसी आश्चर्य से कम तो नहीं | एक बार हमें प्रकृति के फैसले से दुःख अवश्य होता है क्योंकि हम इतने समझदार नहीं होते कि ईश्वर के हर निर्णय को समझ पाएँ |ताऊ जी को दर्द से बहुत डर लगता था |वे चाहते थे कि उनके प्राण शांति से चले जाएं, यही तो हुआ|मुझे इस बात का दुःख था कि मैं ताऊ जी से अंतिम समय में मिल नहीं पाई तथा उनका कोई सपना पूरा नहीं कर पाई मगर ताऊ जी का आशीर्वाद, उनके द्वारा दिखाया गया सद्मार्ग, उनकी सीख सदैव मेरे साथ हैं|मैं उनका हर सपना जरूर पूरा क...